आंकडों का खेल भी इन्द्रजाल जैसा -आलेख


आज एक ब्लोग पर हमने वह वेब साईट देखी जिसमें सभी ब्लोग की कीमत का मूल्यांकन किया जा सकता है. उत्सुकतावश हमें उसे खोल कर देखा और अपने सभी ब्लोग की रेट लिस्ट ले आये. देखकर हैरान रह गए कि हमारे सभी ब्लोग फ्लॉप श्रेणी में हैं पर कुल जमा हम फ्लॉप नहीं हैं. आईये ज़रा इन ब्लोग की रेट लिस्ट पर नजर डालें. यह सही है की हमें अभी तक एक धेला भी पैसा नहीं मिला और आगे भी इसके आसार नहीं है पर अगर इसी तरह चलते रहे तो कोई न कोई ब्लोग अधिक कीमत पर आकर सबको चौंका देगा. अब यह वेब साईट विश्वास योग्य है या नहीं हमको नहीं पता. इधर हम अंतर्जाल पर अब किसी भी प्रकार का यकीन नहीं करते जबकि उसका कोई प्रत्यक्ष लाभ हमको नहीं हो फिर यह कंप्यूटर है इसमें आंकडों का हेरफेर तो आसानी से दिया जा सकता है.
ब्लोग का नाम और पता ——————– राशि डालरों में
१.दीपक भारतदीप की हिन्दी पत्रिका——————— १५२४२.५८
२.दीपक भारतदीप की ई-पत्रिका ——————– १२९८४.४२
३.दीपक भारतदीप की शब्द पत्रिका ——————— १२४१९.८८
४.दीपक बापू कहिन ——————– ११८५५.३४
५.दीपक भारतदीप का चिंतन——————— १०१६१.७२
६.अनंत शब्दयोग——————– ९०३२.६४
७.शब्दलेख सारथी——————— ८४६८.१०
८.शब्दलेख पत्रिका——————– ६७७४.४८
९.शब्दज्ञान पत्रिका——————— ५६४५.४०
१० अंतर्जाल पत्रिका——————– ५०८०.८६
११.शब्द योग पत्रिका——————– २८२८.७०
१२. राजलेख की हिन्दी पत्रिका ——————— ००.००

कुल योग ——————– १००५३५.१२

१२ वें नंबर का ब्लोग क्यों नहीं आ रहा यह समझ में नहीं आया क्योंकि यह मेरा सबसे पहला ब्लोग है और इस पर ८० करीब पोस्टें हैं और उसका न आना आश्चर्य की बात है.
हमने अवलोकन किया तो उस ब्लोग पर ७३ हजार से ऊपर के ब्लोग था. अब यह पता नहीं है कि हिन्दी का सबसे महंगा ब्लोग कौनसा है पर जो नाम उनमें थे उससे अगर काल्पनिक रूप से सही माना जाये तो हमारे ब्लोग के कुल योग के आधार पर हम तो ठीकठाक हैं. भौतिक रूप से कुल राशि हमारे लिए वहाँ तभी हो सकती है अगर सब ब्लोग बिकने लगें. अगर हमारे सब ब्लोग को एक इकाई माना जाये तो कुल उनका मूल्य १००५३५.१२ डालर दिखाया गया है. अपने आप में मुझे यह एक रोचक हास्य लग रहा था. अगर कोई एक ब्लोगर एक ब्लोग के साथ ७५ हजार मूल्य के साथ हैं तो वह महंगा लगता है पर अगर एक ब्लोगर १२ ब्लोग के साथ उससे अधिक है तो क्या कहा जा सकता है? वाणिज्य का विधार्थी होने के नाते मुझे सांख्यिकी में बहुत दिलचस्पी रही है और इन आंकडों में अधिक माथा पच्ची करना मुझे ठीक नहीं लगा. भारत के हिन्दी ब्लोगर बहुत उत्साही हैं और वह नित-प्रतिदिन कुछ न कुछ ढूंढते रहते हैं. आज जब वह वेब साईट देखी तो मुझे आश्चर्य हुआ. हालांकि उसके सॉफ्ट वेयर की प्रमाणिकता के बारे में कुछ कहना मुशिकल है और हो सकता है उस पर काम चल रहा हो.

मैं हिट हूँ या फ्लॉप इस मसले पर माथापची करने की बजाय कोई फालतू कविता लिखना पसंद करता हूँ. भारत के उत्साही ब्लोगर किस तरह क्या करते हैं इस पर मेरी नजर रहती है. हाँ आंकडों के इस खेल में मैं यह सोच रहा था कि यार, मुझे भी एक या दो ब्लोग रखना था तो सब मिलाकर मेरा रेट कितना अधिक दिखता. सांख्यिकी किताब में ही मैंने पढा था कि आंकडे धोखा देने के लिए योजनाबद्ध ढंग से बनाए भी जाते हैं जो लोगों को गुमराह भी कर देते हैं पर एक लेखक होने के नाते यह भी जानता हूँ कि लोग इनमें रूचि भी बहुत लेते हैं. अगर आप रेट के हिसाब से देखेंगे तो मेरे ब्लोग बहुत पीछे होंगे पर कुल जमा में मेरा स्थान कोई कम रहने वाला नहीं है. हाँ आंकडों के खेल में हार जीत भी इसी तरह होती है.

इस समय हिन्दी ब्लोगर तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और उन पर बाजार की नजर है. इस समय अभिव्यक्ति के सब माध्यम बहुत तेजी से अपनी आभा खो रहे हैं और अंतर्जाल पर ब्लोग अपना एक महत्वपूर्ण स्थान बनाने वाले हैं. मेरा स्थान तो मेरी रचनाएं तय करेंगी पर कई ऐसे अन्य ब्लोगर यहाँ आयेंगे जो चमकेंगे. हाँ इसके लिए उनको आम पाठक के लिए लिखना होगा और उनको फोरमों पर मिलने वाले त्वरित टिप्पणी का मोह छोड़ना होगा. मेरे इस तर्क को चुनौती नहीं दे सकते क्योंकि मैं भी उनकी तरह अपने ब्लोगों पर ऐसे प्रयोग कर रहा हूँ. जिन रचनाओं को ब्लोगरों में सम्मान मिलता है वह आम पाठक के लिए कोई महत्त्व नहीं रखतीं और जो आम पाठक के लिए लिखी जाती हैं ब्लोगर उसे अधिक नहीं पढ़ते.

अंतर्जाल पर काम करना बहुत अच्छा है पर उसके साथ यह मानना कि कंप्यूटर पर रचे गए प्रमाणिक हैं तब तक ठीक नहीं होगा जब तक उसका कोई भौतिक पैमाना हमारे पास न हो. तमाम तरह के ईमेल मुझे आते हैं और अगर उनको सच मान लिया जाये तो मुझे अभी करोड़पति हो जाना चाहिऐ. जो रेट लगे हैं इसकी आधी कीमत पर भी कोई मेरा ब्लोग नहीं खरीदेगा. इसलिए आजकल के युवक-युवतियां इंटरनेट पर व्यवहार के दौरान किसी पर तब तक यकीन न करें जब तक उसका भौतिक सत्यापन न कर लें. इसी तरह अगर उनके सामने कोई आंकडे रखे जाते हैं तो उसका सत्यापन वह स्वयं करें. जब आदमी प्रत्यक्ष सामने खडा होकर झूठ बोल सकता है तो इस कंप्यूटर पर बिना सामने आये तो वह उसे भी बड़ा झूठ बोल सकता है. याद रखने वाली बात यह है कि कड़ी मेहनत करने से ही सफलता मिलती है और अगर असफल होते हैं तो इसका मतलब यह है कि हमारी नीयत में ही कोई खोट है. मैंने अपने जीवन में बहुत देखा है पर मैंने कोई ऐसा व्यक्ति नहीं देखा जिसने ईमानदारी से मेहनत की हो और सफल नहीं हुआ हो. अगर में कहीं असफल हुआ हूँ तो उसमें मैंने अपने अन्दर ही खोट पाया है. यही कारण है कि इतने आत्मविश्वास से अंतर्जाल पर लिख रहा हूँ. मैं अपनी बात पूरे भारत में पहुंचाना चाहता हूँ और जानता हूँ इसमें कड़ी मेहनत ही एक उपाय है और अब बिना किसी की परवाह किये लिखे जा रहा हूँ और कई लोग ऐसे भी हैं जो बहुत विश्वास योग्य और मेरे मित्र हैं पर मेरा लक्ष्य है आम पाठक तक पहुंचना. मैं अपने मुहँ से अपना नाम नहीं लेना चाहता मैं चाहता हूँ कि लोग मेरा नाम लें और मैं अपने कानों से सुनूं. शेष फिर कभी

जो आम पाठक मेरे ब्लोग पढ़ना चाहते हैं वह मेरे इस ब्लोग का पता लिख लें.

https://dpkraj.wordpress.com

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टिप्पणियाँ

  • paramjitbali  On 06/03/2008 at 14:35

    दीपक जी,बहुत सही लिखा है आँकडों का चक्कर बहुत अजीब है। सही है या गलत यह तो पता नही लेकिन इस से ब्लोगर भ्रमित हो जाता है।आप सदा लिखते रहे यही कामना है।

  • Pritam P Hans  On 07/03/2008 at 05:50

    दीपक जी ,

    जहाँ से आपने अपने ब्लॉग का मूल्यांकन कराया है वो तो बस यूँ ही किसी ने प्रोग्राम बना कर दे दिया है . उसमे पैसे तो इस तरह झरते हैं जैसे की झरने से पानी . मेरे ब्लॉग का भी ८-१० हजार डॉलर दे दिया था. असल मैं तो कोई सौ रूपल्ली मैं भी खरीद ले तो बहुत हो .
    हाँ उससे थोड़ा तो अंदाजा मिल जाता है की ब्लॉग कैसा चल रहा है .

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