आसमान से अब फ़रिश्ते नहीं आते


आसमान से अब फ़रिश्ते नहीं आते
विचार खुले होना अच्छा है
पर आंख्ने भी खुली रखना
यकीन करना अच्छा है
पर कदम-कदम पर है
धोखे भीं हजार हैं
अपना हर कदम
सतर्कता से रखना

सुन्दर शब्दों का जाल
फैलाया जाता है चहूं ओर
अर्थहीन लाभ दिखाए जाते है
जिनका नहीं होता कहीं ठौर
शिकारी अब ऐसा जाल बिछाते हैं
पंक्षी बिना दाना डाले फंस जाते हैं
तुम शिकार होने से बचना

कहीं एक के साथ एक फ्री का नारा
कहीं भारी भरकम गिफ्ट का नज़ारा
कोई करता हैं भारी छूट का वादा
कोई बताता अपने ही लुटने का aaj
खरीदने निकलो बाजार में तो तुम भी
एक सौदागर बन जाना
अपनी नज़र पैनी रखना

कहैं दीपक बापू
अब आसमान से नहीं आते
ऐसे फ़रिश्ते
जो दूसरे को मालामाल कर दें
लोगों के झुंड के झुंड जुटे हैं
अमीर बनने के लिए
वह ऐसे नही है
किसी दूसरे के लिए कमाल कर दें
तुम अपना ईमान नहीं छोड़ना
अपने ख्वाबों को सच करने की
जंग खुद ही जीतने की बाट जोहना
किसी दूसरे के दिखाए सपने में
अपनी जिन्दगी फंसाने से बचना
यहां कोई ख़्याल से फ्री दिखता है
किसी का माल फ्री बिकता है
कोई फ्री में लिखता है
पर यहां कुछ फ्री नहीं है
सिवाय तुम्हारी जिन्दगी के
इसे फ्री में बेकार करने से बचना
——————-

Advertisements
Post a comment or leave a trackback: Trackback URL.

टिप्पणियाँ

  • mehhekk  On 09/01/2008 at 17:07

    very very true said,aasman se ab farishte nahi aate,hume khudke khud hi faishte ban lena chahiye,kadam satark hokar hi rakhna chahiye,kaha jaal bicha ho kya pata.

  • mehhekk  On 09/01/2008 at 17:08

    please correct that faishte,i wanted to write farishte,sorry for that.

  • paramjitbali  On 09/01/2008 at 18:03

    दीपक जी, बहुत बढिया रचना है।यह पंक्तियां मन को छू गई-

    कहैं दीपक बापू
    अब आसमान से नहीं आते
    ऐसे फ़रिश्ते
    जो दूसरे को मालामाल कर दें
    लोगों के झुंड के झुंड जुटे हैं
    अमीर बनने के लिए
    वह ऐसे नही है
    किसी दूसरे के लिए कमाल कर दें

  • naman shinghal  On 10/01/2008 at 12:53

    well done ! what a masterpeice .
    we should encourage such people.

  • manjit  On 15/05/2010 at 08:38

    farishte kyo nahi ate

  • manjit  On 15/05/2010 at 08:41

    mera ek aur sawal hai
    duniya hai baki suraj chand shani baki 16 plante hai le kin duniya ke niche jo andhera hai andhere me hai kya
    matlab woh andhere ka ant kitna hai

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: