हमने भी कुछ खोया नहीं-हिन्दी शायरी
अपनी राह चलते जाना है
कहीं फूल बरसेंगे
तो कहीं लोग ताने कसेंगे
थोड़ी खुशी के लिये
बहुत दूर तक ढूंढते बहाने
निराश होने पर
भागने लगते हैं गम भुलाने
ऐसे लोगों के इशारे पर
अगर चले जिंदगी की राह पर
तो ताउम्र अपनी मंजिल को तरसेंगे
……………………………………………….
उनके इशारे पर लड़ते रहे जमाने से
वह तो रहे पर्दे में, मतलब रख कमाने से
जो वक्त आया तो फेर लीं नजरें हमसे
जब मिलने गये तो लगे अनजाने से
उन्होंने बहुत कुछ पा लिया
पर हमने भी कुछ खोया नहीं
हमें भी मतलब था
कुछ जिंदगी के सच देखने से
अपना मकसद पूरा किया
अपनी जिंदगी को आजमाने से
This entry was written by
दीपक भारतदीप, posted on
06/04/2008 at 11:02, filed under
Blogroll,
E-patrika,
blogging,
bloroll,
deepak bharatdeep,
deshboard,
friends,
hindi epatrika,
hindi friends,
hindi internet,
hindi jagran,
hindi journlism,
hindi kavita,
hindi litreture,
hindi megzine,
hindi nai duinia,
hindi web,
web bhaskar,
web dunia,
web duniya,
web panjab kesri,
web patrika,
कला,
कविता,
शायरी,
शेर,
समाज,
हिन्दी पत्रिका,
हिन्दी शायरी,
हिन्दी शेर. Bookmark the
permalink. Follow any comments here with the
RSS feed for this post.
or leave a trackback:
Trackback URL.
One Comment
अपनी राह चलते जाना है
कहीं फूल बरसेंगे
तो कहीं लोग ताने कसेंगे
थोड़ी खुशी के लिये
बहुत दूर तक ढूंढते बहाने
निराश होने पर
भागने लगते हैं गम भुलाने
ऐसे लोगों के इशारे पर
अगर चले जिंदगी की राह पर
तो ताउम्र अपनी मंजिल को तरसेंगे