संत कबीर वाणी:ज्ञान रुपी हाथी की सवारी कीजिए, भौंकने पर ध्यान न दीजिये

हस्ती चढ़िए ज्ञान की, सहज दुलीचा डार
श्वान रूप संसार है, भूंकन दे झकमार

संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं की ज्ञान रूपी हाथी पर सहज भाव से दुलीचा डालकर उस पर सवारी कीजिए और संसार के दुष्ट पुरुषों को कुत्ते की तरह भोंकने दीजिये, उनकी पवाह मत करिये.

कहते को कहि जान दे, गुरु की सीख तू लेय
साकट जन और स्वान को, फेरि जवाब न देय

संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि दुनिया के लोग आलोचना और निंदा करते हैं और उनकी परवाह नहीं करना चाहिऐ. अपने गुरु की शिक्षा लेकर उस पर चलना चाहिऐ और कुछ दुष्ट लोग अगर निंदा करते हैं तो उनके भोंकने पर जवाब नहीं देना चाहिऐ.

5 Comments

  1. Posted 15/02/2008 at 17:21 | Permalink

    सत्य वचन॒म….ज्ञानवर्धम!!!!!

  2. sudarshansingh
    Posted 16/02/2008 at 02:22 | Permalink

    kutta bhoonke hazar hathi chale bazar

  3. PARTH
    Posted 11/11/2008 at 05:02 | Permalink

    VERY GOOD

  4. vikash
    Posted 09/04/2009 at 09:33 | Permalink

    bhartia sanskriti ko banaye rakhne k lie ye sab ka palan karna jaruri nhai

  5. harikishunrajbhar
    Posted 19/05/2009 at 16:11 | Permalink

    yah sabhi ke liye achchha.
    very good


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